High BP Symptoms in Hindi – उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और रोकथाम

In this post related to common lifestyle diseases, we give you introduction to high blood pressure or hypertension disease and blood pressure symptoms in Hindi. Get to know about High BP treatment, High BP management in Hindi. As you know, High blood pressure is a common lifestyle disease with various symptoms that go unnoticed for years. Read high BP symptoms and complications in Hindi below.

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High Blood Pressure Symptoms in Hindi

उच्च रक्तचाप धमनियों के माध्यम से रक्त प्रवाह के सामान्य दबाव की दर से अधिक दवाब  को कहा जाता हैं.  सरल शब्दों में कहें, कोई भी रक्तचाप  रीडिंग अगर 120/80 से अधिक हो तो उसे  उच्च रक्तचाप के रूप में करार दिया है। इस संख्या में तो ऊपर की संख्या उसे अधिकतम दबाव या सिस्टोलिक दबाव के रूप में कहा जाता है और जो नीचे  की संख्या है उसे डायस्टोलिक दबाव या  कम से कम दबाव  के रूप में बुलाया जाता है ।

तकनीकी तौर पर उच्च रक्तचाप के रूप में जाना जाने वाले इस उच्च रक्तचाप की जाँच एक डॉक्टर या बीपी मशीन के द्वारा ही की जा सकती है ।आमतौर पर  जब तक इसके लक्षण नहीं दिखते तब तक मरीज को इसका  पता नहीं चलता है।  उच्च रक्तचाप के होने के सालो बाद जब व्यक्ति बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है, तभी वह जांच करवाता है ।

high blood pressure management

हाई बीपी के सामान्य लक्षण

  • धुंधली दृष्टि
  • अचानक या छोटी छोटी  बातों  पर क्रोध आना
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • गर्दन दर्द
  • साँसों की कम

ज्यादातर मामलों में उच्च रक्तचाप आनुवंशिक रूप से आता है, लेकिन यह  अधिक वजन होने की वजह से हो सकता है। हाई बीपी 40 और 50 वर्ष से अधिक के लोगों में आम है, लेकिन चूँकि  वर्तमान पीढ़ी में बदलते जीवन शैली और व्यायाम की कमी की वजह से मोटापे का स्तर काफी बढ़  गया है, अब 30 की उम्र के लोगो में भी यह कोई असामान्य बात नहीं है। वैसे तो ज्यादातर मामलो में डॉक्टर की निर्धारित दवा लेना आवशयक होता है, लेकिन  हाई बीपी  शारीरिक गतिविधियों, व्यायाम  और चुस्त जीवन शैली अपनाने से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है । यहां तक कि केवल चलना उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर हो सकता है।

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए सोडियम की मात्रा कम करें

हाई बीपी के पीछे मुख्य कारण हमारे भोजन में नमक होता  है, जो सोडियम है। किसी भी डॉक्टरों की पहली और आम सलाह दैनिक नमक का सेवन कम करना होता  है। जो लोग कम नमकीन खाद्य पदार्थ खाए बिना  नहीं रह सकते हैं जो उन लोगों के लिए सुपरमार्केट में कम सोडियम वाला नमक भी आसानी से उपलब्ध हैं । उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण रखने के लिए सोडियम की मात्रा में कटौती करना बहुत  महत्वपूर्ण है। रेस्तरां में भोजन, फास्ट फूड, मसालेदार भोजन, अचार, और  किसी भी तरह के पैक और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ से परहेज की कोशिश करें।

आपके शरीर में बढ़ते सोडियम के स्तर को  बेअसर करने के लिए एक और तरीका है,  पोटेशियम का सेवन बढ़ाना । पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों में से कुछ नाम हैं केले, आलू, पालक, संतरे और मछली । अगर आपका वजन ज्यादा है अपने वजन में कटौती करना भी उच्च रक्तचाप के प्रबंधन या उससे बचने के लिए  पहला और सबसे जरूरी कदम  हैं।

हाई बीपी की जटिलताएं:

  • गुर्दे की पुरानी बीमारी
  • संज्ञानात्मक परिवर्तन
  • आंख नुकसान
  • ह्रदय का रुक जाना
  • दिल की घात
  • बाहरी धमनी की बीमारी
  • पल्मोनरी बीमारी
  • संवहनी मनोभ्रंश

Originally posted 2015-10-27 00:40:03.

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